Sunday, May 18, 2025

gantantra

देश की अस्मिता पर थे जो मर मिटे
बर्फ हो आग हो पर रहे जो डटे
उनकी माओं से जाकर ज़रा पूछिये
कैसे गोली लगी, और कहां सर कटे! 

बेंदी, मेहंदी , महावर सभी छोड़ कर
साड़ी, चूनर भी रख दी अभी मोड़ कर
तेरी वर्दी से खुद को सजाऊंगी मैं
घर से निकली हूँ तेरा जुनूं ओढ़ कर

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